महाशिवरात्रि पूजा : इन 7 गलतियों से बचें और पाएं भोलेनाथ की कृपा



 महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का प्रमुख पर्व है, जिसमें भक्तगण व्रत, पूजा और उपवास के माध्यम से महादेव की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। इस पावन अवसर पर कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है, ताकि आपकी पूजा सफल और फलदायी हो। आइए जानते हैं वे सात बातें, जिनसे शिवरात्रि पर बचना चाहिए:

  1. काले रंग के वस्त्र धारण न करें: शिवरात्रि के दिन सफेद, पीले या हल्के रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। काला रंग नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा होता है, इसलिए इस दिन इसे पहनने से बचें।

  2. केतकी और केवड़ा के फूल न चढ़ाएं: भगवान शिव को विशेष फूल अर्पित किए जाते हैं, लेकिन केतकी और केवड़ा के फूल चढ़ाना वर्जित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये फूल शिवजी को अप्रिय हैं।

  3. तुलसी के पत्ते न अर्पित करें: तुलसी के पत्ते भगवान विष्णु को समर्पित होते हैं और शिवलिंग पर इन्हें चढ़ाना अशुभ माना जाता है।

  4. शिवलिंग की पूर्ण परिक्रमा न करें: शिवलिंग की परिक्रमा करते समय आधे चक्कर लगाकर वापस लौटना चाहिए। पूर्ण परिक्रमा करना धार्मिक दृष्टिकोण से उचित नहीं माना जाता।

  5. कटे-फटे बेलपत्र का उपयोग न करें: भगवान शिव को ताजे और साबुत बेलपत्र प्रिय हैं। कटे-फटे या पुराने बेलपत्र चढ़ाने से पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता।

  6. कांसे के बर्तन से दूध न चढ़ाएं: शिवलिंग पर दूध चढ़ाते समय तांबे के बर्तन का उपयोग करें। कांसे के बर्तन से दूध अर्पित करना शुभ नहीं माना जाता।

  7. नारियल पानी से अभिषेक न करें: शिवरात्रि पर जल, दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक करना उत्तम है, लेकिन नारियल पानी चढ़ाना वर्जित है।

इन बातों का ध्यान रखते हुए महाशिवरात्रि की पूजा करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

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